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ब्लॉग्स (52)
आज़ादी की एक और वर्षगांठ गली गली में बजते देखे आज़ादी के गीत रे |जगह जगह झंडे फहराते यही पर्व की रीत रे ||सभी मनाते पर्व देश का आज़ादी की वर्षगांठ है |वक्त है बीता धीरे धीरे साल एक और साठ है ||बहे पवन परचम फहराता याद जिलाता जीत रे |गली गली में बजते देखे ... आगे पढ़ें...

WATER HARVESTING सूखता जाता हुआ जल / कुछ तो होगा इसका भी हल / क्या ये प्रश्न करता है उद्वेलित / इसे हल करने कभी हुए प्रेरित / एकांगी रूप से प्रवृत्त व्यवहार में ही लीन हैं / मिलता जहॉं से अरे मात्र लेने में तल्लीन हैं /नीर के उपयोग के संग दुरूपयोग पर भी ... आगे पढ़ें...

ताज इस देश की शान है / दुनिया में देश का सम्मान है / दुनिया के अव्वल अजूबों में ये शुमार हो / इसका हुश्न मुमताज की उल्फ़त ना बेकार हो / इसका शामिल होना बहुत जरूरी है / वरना यह फ़ेहरिश्त भी अधूरी है / हम भी ये मानते हैं / बेहतर ये जानते हैं / यह खूबसूरत ... आगे पढ़ें...

वक्‍त गुजरता, बीतता, नहीं बंद तालों में / दिन हो रहे तब्दील लगातार सालों में / दशक बढते उगते फ़ैलते शतकों में बदले / गुजरा एक लंबा वक्‍त युग के युग निकले / कभी नये साल के पहले की शाम / या जन्मदिन की सुबह का अह्तराम / याद दिलाते कि एक साल और बीत गया / हमेशा ... आगे पढ़ें...

अपनो के विछोह से /बंधे जिनके मोह से / उनके अवसान से /जीव के प्रयाण से /दुख की गहराई है / याद बहुत आई है / जितना मैं भुलाता हूँ /भूल नहीं पाता हूँ / मुझ पे उनका साया था / हाथों से मुझे खिलाया था / धूप में कुम्हलाता हूँ /कुछ सोच नहीं पाता हूँ /कैसे अब जी ... आगे पढ़ें...

खुली ऑंख के ख्वाब सुहाने क्यों ये अचानक टूट गये / ज़ीस्त मेरी थी जिनके सहारे अब ये सहारे टूट गये / तेरे दम पर हमने फानूश तिरंगे मंगवाये / तेरे सहारे ही ये हमने सुविधा के सामान जुटाये / हुई खता आखिर क्या मेरी जो तुम ऐसे रूठ गये / खुली ऑंख के ख्वाब सुहाने ... आगे पढ़ें...

खामोश तन्हा रात में सदा किस की रही होगी ,ये हवा की आवारगी की दस्तक रही होगी /वक्‍त था मौका भी था फ़िर भी बयाँ न कर सके .इजहारे इश्क में शायद कुछ हया रही होगी /जामो मीना मय सभी लेकिन नहीं शुरूर था ,इनायत-ऐ-साकी में आज कुछ कमी रही होगी /जीने की आरजू न रही ... आगे पढ़ें...

Buzzer Hut | Promote Your Blog तेरी ये बेबफाई मजबूरी समझ पाऊँ तेरा ये हुक्म है कि मैं तुझको भूल जाऊँ बरसात में गेसू से पानी का टपकना है मोती सी वो बूँदे मैं तुझको न भूल पाऊँपेडों के साये में सिर रख कर गोद में जबअहसास वो ... आगे पढ़ें...

GIRLS HIDING THEIR FACE BY A FABRIC PIECE WHILE THEY RIDING ON TWO WHEELERS EXPLORE THE EXACT RESON ??????वक्त बदला बदले मौसम अब फ़िजॉं कुछ और है /मायने लफ़्ज़ों के बदले , मायने कुछ और हैं / रोड पर दिखतीं हसीना , रूख पे परदा डाल कर / डर तपिश का है इन्हें ... आगे पढ़ें...

एक उच्च पद पर आसीन शासकीय अधिकारी / मंह्गे मोबाइल लम्बी गाडी से लेस सूट धारी / जीवन में हैरान परेशान तनाव से ग्रस्त / भाग दौड और अनजाने भय से त्रस्त / दोस्त की सलाह पर धार्मिक बाबा के पास धाये / चरणों में कर नमोस्तु अपनी व्यथा सुनाये / बाबा ने कहा एक काम ... आगे पढ़ें...

एक मित्र ने कहा हॅंसकर तकदीर बदल लो / मैने कहा पहले तकदीर में हॅंसी तो भर लो / बोले हॅंसकर रोग दूर भगाओ / जमाना हम पर हॅंस रहा है उन्हैं तो रूकवाओ /आपके क्लब में लोग हॅंसते हैं ऑंखें बंद लगा कर ठहाके / क्यों नहीं दिखते उन्हैं वे लोग जो कर रहे हैं रोज फाके ... आगे पढ़ें...

बेटे बेटी के लिये संजोये / क्या ह्सीन ख्वाबों में खोये / हर पिता वहीं को दौड रहा है /दिशा सपनों की मोड रहा है / शिक्षा की इस मंडी में / कोटा की तलवंडी में /धंधे का तूफान मचा है / इससे नहीं यहॉं कोई बचा है / उद्योग क्षेत्र सा विकसित है अब / पा के दाखिला ... आगे पढ़ें...

एक दिया जीवन का ज्योतिर्मय /पलते पढते बढते जलता रहा / तीन दशक से कुछ ज्यादा / जीवन पथ पर हुआ अनुबन्धित विवाह संस्था में /दो नन्ही ज्योति और हुई प्रस्फ़ुटित /चलता रहा जीवन घडी के पेन्डुलम के साथ /परिजन पुरजन का प्रेम ले आया पीहर तक /मेल, मिलाप ,प्रेम ,ताने ... आगे पढ़ें...

जब निशा की निस्तब्ध्ता में हुई आहट मेरे सूने जहॊं में खोया हुआ साथी मानो पा लिया / फ़िर हुआ अहसास इक बार तेरी जुदाई में वह रिक्तता साक्षी जैसे रंग हो छूटा हुआ इन्द्र धनुष से रात का गहरा अंधेरा पुकारता है नाम फ़िर मेरी तन्हाई में मानो आ गये तुम आत्मायें ... आगे पढ़ें...

दोस्त तेरी याद बहुत आती है / यादें तेरी या उन लम्हों की जो बिताये थे तेरे साथ बचपन में /आज भी ताजा हैं वे याद पचपन में /दोस्त तेरी याद बहुत आती है / स्कूल से गोल मार अमरूद के बगीचे में /दौड्ते दौड्ते जामफ़ल तोडते / माली का डर भी मन में भरा हुआ / पेड से ... आगे पढ़ें...

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